Capt Vikram Batra
कविता

दिल मांगे मोर!

लिख रहा हु ख़त आखरी अश्को से ना धो देना शहीद हुवा है लाल तुम्हारा वीरगति पे ना रो देना देकर साँसे इस मिटटी को धरती का कर्ज चुकाया है खलिश मगर फिर भी है […]

Bhagat Singh rare photo
कविता

शहीद ए आजम

ए शहीद ए आजम तेरी याद आती है देखो आज सोने की चिड़िया उड़ रही है शान से आज़ाद किया था तुमने जिसको प्राणों के बलिदान से सीना ताने खड़ा हिमालय देखो तो अभिमान से […]