फिल्लौरी में हनुमान चालीसा को हिमेश रेशम्मिया के गाने से बदला जायेगा

इस खबर से नाराज़ होकर देश के सभी भूत जंतर मंतर पर प्रोटेस्ट में बैठे गए हैं। भूतों की मांग है कि उनके पसंदीदा हनुमान चालीसा को फिर से बहाल किया जाय।

मुम्बई: भारत की फिल्म के ‘सीन काटो संस्था’ जिसके अध्यक्ष प्रहलाज निहलानी हैं, ने फिर एक बार सुर्खियों में अपनी जगह बना ली है। इस बार फिल्म फिल्लौरी में सूरज शर्मा के ऊपर शूट किये एक सीन में, जिसमे वो बाथरूम में टब में बैठकर हनुमान चालीस का उच्चारण करते हैं, को काटने के लिए कहा है।

फिल्म बनाने वाले इस बात से खासे नाराज़ हैं कि भूत भागने के लिए अब वो हनुमान चालीसा का भी प्रयोग नहीं कर पाएंगे। ट्विटर पर ये बात ट्रेंड करने लगी। सभी फिल्मकार खासे परेशान हैं कि अब भूत से डरते आदमी को कैसे दिखाया जायेगा। विक्रम भट्ट ने फिल्मों से सन्यास लेने का फैसला लिया है।

Phillauri Hanuman Chalisa Anushka Sharma
तीखी मिर्ची रिपोर्टर सी बात करती एक मिस भूत.

निर्माताओं ने हमसे खास बातचीत में बताया कि वो इस सीन को दो में से किसी एक तरह से पिक्चर करना चाहते थे। पहले में हीरो भूत की सुंदरता पे मर मिटता है, और एक उत्तेजना पैदा कर देने वाला दृश्य था (सेक्स और उत्तेजना भूतिया फिल्मों का अभिन्न अंग है, वैसे ही जैसे कश्मीर भारत का)। पर निहलानी के डर से ही उन्होंने इसको अपने विचार से निकाल दिया। उसके बाद हनुमान चालीसा, जो कि सदियों से हिंदी फिल्मो में डरते आदमी का सहारा बनती है, को प्रयोग में लाया गया। पर फिर भी हम निहलानी से बच नहीं पाए।

खैर, अब सुनने में आया है कि निर्माताओ ने इसका उपाय ढून्ढ लिया है। अब हनुमान चालीसा की जगह हिमेश रेशम्मिया का गाना बजाया जाएगा, और वो भी फुल वॉल्यूम में। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि हिमेश रेशम्मिया जब गाते हैं, तो आपके टीवी का वॉल्यूम बटन काम करना बंद हो जाता है (ये साबू के गुस्से से फटने वाले ज्वालामुखी की तरह ही एक सुपरपावर इफ़ेक्ट है, जो सिर्फ रेशम्मिया जी में है।)

हिमेश रेशम्मिया का टीवी पर खौफ, जिसे भूत भी मानते हैं.

ये खबर जैसे ही फैली, पूरे भारत वर्ष के भूत समाज के लोग धरने पर जंतर मंतर पर बैठे हैं। उनके अध्यक्ष ने हमे बताया कि ये भूत समाज के साथ भेद-भाव है। हनुमान चालीसा से हमें सिर्फ कमरे से बाहर निकलना पड़ता है, पर हिमेश रेशम्मिया के गाने से धरती छोड़नी पड़ेगी। हमने भी मोदी जी को वोट दिया था, क्या यही हैं हमारे अच्छे दिन?

हैरानी में पड़े हमारे पत्रकार की उत्सकता देखते हुए उन्होंने हमें आगे बताया कि वोटर लिस्ट में इतने मृत लोगों के नाम ऐसे ही थोड़ी न आते हैं, हम भी वोट बैंक हैं। अभी बीते चुनावो में शमशान और कब्रिस्तान का मुद्दा ऐसे ही थोड़ी न छाया था। ये हमारे लिए किये जाने वाले लुभावने वादे थे। पर अब ये आमरण अनशन तब तक चलेगा, जब तक फिल्म में हनुमान चालीसा को वापस नहीं लाया जाता। हम इस लड़ाई को अपनी आखरी सांस तक लड़ेंगे।

Discussion

comments

डिस्क्लेमर: यह एक हास्य-व्यंग्य लेख है और इसके सभी पात्र, घटनाएं अादि काल्पनिक हैं। कृपया इस खबर को सच समझकर व्यर्थ मे अपनी भावनाएं अाहत न करें। अाप भी तीखी मिर्ची ज्वाईन करके अपनी रचनाएं पोस्ट कर सकते हैं
velawrites
About velawrites 77 Articles
वेला तेरी तरह। अब तू माने या ना माने दोस्त मेरे , मैंने तो तुझे वेला माना। http://velawrites.in/

Be the first to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.


*


This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.