डेंगू, चिकुनगुनिया से निपटने के लिए ‘आप’ सरकार ने जारी किये हैं ये निर्देश

दिल्ली में चिकुनगुनिया और डेंगू के बढ़ते केसों पर चारों दिशाओं से हो रही थू-थू से निपटने के लिए 'आप' ने कमर कस ली है। जाने क्या है एक्शन प्लान केजरीवाल का।

नयी दिल्ली: दिल्ली में बीते दिनों से मच्छरों ने आतंक मचाया हुआ है। चिकनगुनिया और डेंगू के मामलो में भरी उछाल आया है। आधे दिल्ली के सांसद, LG, मेयर सब दिल्ली से बाहर हैं। कुछ दिनों पहले जब ये सब दिल्ली में थे, तब स्थिति इतनी दयनीय नहीं थी।

हालांकि दिल्ली में मच्छरों वाली दवाइयों का छिड़काव MCD के जिम्मे है, पर जिम्मेदार हैं तो केजरीवाल ही। इसका कारण बहुत मायने रखता है। दिल्ली में केजरीवाल ने अपने जिम्मे कोई मंत्रालय नहीं रखा। वो मच्छर मारने में इतना अच्छा काम करते हैं कि दिल्ली में उनके रहते कोई भी मौत नहीं हुई। पर जबसे वो बाहर गए, मच्छरो के खेमों में बहार आ गयी। हर तरफ पनपने वाले इन मच्छरों ने आतंक मचा रखा है।
Arvind Kejriwal and Ashutosh after Delhi victory
दिल्ली में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका जानकर प्रफुल्लित समर्थको के बीच केजरीवाल।

केजरीवाल इतने गुणी नेता हैं कि उन्होंने जाने से पहले ये काम अपने मंत्रालय के अन्य लोगो को भी सिखा दिया, पर दिल्ली वालों की बदकिस्मती का आलम ये है कि एक साथ उनका लगभग 90 प्रतिशत मंत्रालय छुट्टी काम  पर घूमने  विदेशी या स्वदेशी दौरों पर दिल्ली से बाहर गया है।

इसके बावजूद भी इन् बीमारियों से बचने के लिए दिल्ली सरकार ने निर्देश जारी किये है-

१. मच्छरों को सीज-फायर के निर्देश जारी कर दिए हैं, अगर वो ऐसा नहीं करते हैं, तो वो भी मोदी से मिले हुए है!
२. MCD, जो हवा में है, उससे नीचे उतर कर मच्छरों को मारने वाला धुंआ फ़ैलाने को कहा गया है। वैसे वो तो हैं ही बीजेपी के, तो वो तो निश्चित तौर पर मोदी से मिले हुए है।
३. सुबह और शाम के वक़्त रेशम्मिया के गाने चला कर मच्छरों को अपने घरो से दूर रखने को कहा गया है।
४. बाकी अनऔपचारिक  तौर पर आप के एक कट्टावर नेता ने हमें बताया कि दिल्ली वाले भी मौके का लाभ उठा कर दिल्ली से बाहर घूमने जा सकते हैं।

कुमार अविश्वास ने  हमारे ईमेल का जवाब अपने चित परिचित अंदाज़ में कुछ यूँ दिया:

धुंए में दिल्ली का भविष्य, पर अफ़सोस कि वो धुंआ मच्छरों को मार नहीं सकता,
यूँ पनपते हैं, जैसे ये कभी हार नहीं सकता,
जबसे केजरू दिल्ली से निकला है,
ताली बजाते हैं सब दिल्ली में, पर कोई इन्हें मार नहीं सकता!

और इससे आप ये भी अंदाज़ा लगा सकते हैं कि दिल्ली के लिए केजरीवाल इतने ज़रूरी क्यों है।

(वेला के ब्लॉग पर यहाँ भी प्रकाशित)

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डिस्क्लेमर: यह एक हास्य-व्यंग्य लेख है और इसके सभी पात्र, घटनाएं अादि काल्पनिक हैं। कृपया इस खबर को सच समझकर व्यर्थ मे अपनी भावनाएं अाहत न करें। अाप भी तीखी मिर्ची ज्वाईन करके अपनी रचनाएं पोस्ट कर सकते हैं
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