नॉएडा में बिल्डर ने समय पर दिया घर, खरीदार हुए परेशान

नॉएडा में एक नए बिल्डर ने पहले से किये गए वादे पर अपने द्वारा बनाए घरों के पजेशन देकर खरीदारों को दुविधा में डाल दिया है, और दुसरे बिल्डर्स को चौका दिया है।

नॉएडा: नॉएडा में पहली बार घर बनाने वाले बिल्डर्स देरी से घर की डिलीवरी देने के लिए मशहूर हैं। इन्ही सब के बीच एक अंजान नए बिल्डर ने पहले से किये गए वादे पर अपने द्वारा बनाए घरों के पजेशन देकर खरीदारों और दुसरे बिल्डर्स को चौका दिया है। खास मुश्किल में वो लोग हैं जिन्होंने सिर्फ इन्वेस्टमेंट के लिए घर लिया था। अब दुविधा ये हैं कि बाकी का पैसा कहा से लाएं।

Man in Depression
“मेरे दोस्त जिन्होने 6-7 साल से घर बुक करवाए हैं, उनके प्रॉजेक्ट की आज तक खुदाई भी शुरू नहीं हुई, और मुझे 3 साल में घर मिल रहा है? क्या मुँह दिखाऊँ मेरे फ्रेंड-सर्कल में?”
(फोटो साभार: हफिंगटन पोस्ट)

जब इस प्रोजेक्ट के एक खरीदार से हमारे संवाददाता ने बात की, तो उन्होंने बताया कि उन्होंने कई नामी बिल्डर्स के घरों में पैसा लगाया है, जो 8 -10 साल का न्यूनतम समय लेकर घर देते हैं। इसी बीच वो पैसे जुटा लेते हैं, और घर बेचकर मुनाफा कमा लेते हैं। पर इस बार उनको मुंह की खानी पड़ी, क्योंकि अब रजिस्ट्री के लिए पैसे जुटाने पड़ेंगे, और बैंक सिर्फ इन देरी से देने वाले प्रोजेक्ट को ही लोन देते हैं, क्योंकि इसमें मुनाफा ज्यादा है।

आमतौर पर इन देरी से मिलने वाले प्रोजेक्ट्स में बैंक आराम से 4-5 साल तक सिर्फ ब्याज ही काटता रहता है। अब इन्होने समय पर घर देकर उनके जैसे कई लोगो को मुश्किल में डाल दिया है। इन्वेस्टर्स की बॉडी ने F.I.R लिखवाने का फैसला किया है, और साथ ही हाई कोर्ट में PIL डालकर इस प्रोजेक्ट पर स्टे आर्डर लेने की कोशिश भी की जाएगी।

बिल्डर्स लॉबी की एक संस्था के संवाददाता ने हमारे पत्रकार को बताया कि ये प्रैक्टिसेज अगर सारे करने लगेंगे तो बैंक्स और बिल्डर्स कम्पनीज को भारी नुक्सान हो सकता है। इसी मुद्दे को ध्यान में रखते हुए हमने अंजान बिल्डर्स के सीईओ को नोटिस भेजकर मीटिंग करने के लिए बुलाया है। आशा है कि वो ऐसे हालात भविष्य में नहीं पैदा होने देंगे।

हमारे संवाददाता ने एक आम खरीदार से भी बात की, जिन्होंने बताया कि जब उन्हें पजेशन का पत्र आया तो उनकी ख़ुशी का ठिकाना नहीं रहा। उन्होंने 2009 में XYZ नामक एक कंपनी के प्रोजेक्ट में भी घर खरीदा था जिसका Possession आज तक नहीं मिला है। वो किराया और बैंक की EMI भर-भर के परेशान हो चुके थे, तब उन्होंने २०१३ के अंत में इस प्रोजेक्ट में घर बुक किया। अब आखिरकार हमे घर मिल रहा हैं और हम भी अपने  घर में रह सकते हैं।

जब हमने उनसे पुछा कि उन्होंने बिल्डर के खिलाफ FIR क्यों नहीं लिखवाई, तब उन्होंने हमें बताया कि इस देरी की कोई सुनवाई नहीं हैं। ४ साल से कोर्ट में केस चलता रहता है, पुलिस FIR नहीं लिखती और आम खरीदार बस मरते रहते हैं। अगर हम देरी कर दे पैसे देने में तो 18 प्रतिशत की दर से बिल्डर ब्याज मांगता है, और उसकी ६ साल की देरी पर नाममात्र का हर्जाना लगता हैं। केंद्र सरकार और राज्य सरकार एक दुसरे के पास भेजते रहते हैं। यही सच है जिसे इस ब्रेकिंग न्यूज़ के तमाशे के बीच कोई नहीं दिखाता। हम वोट बैंक होते तो शायद सुनवाई होती।

वो चकित नहीं हुए जब हमने उन्हें बताया कि ये न्यूज़ तो बस तीखी मिर्ची का एक व्यंग है।

हमारे संवाददाता ने बताया कि ये सुनकर उनकी आँखों में  ख़ुशी के आंसू थे।

वेला राइट्स के ब्लॉग पर यहाँ भी प्रकाशित।

Discussion

comments

डिस्क्लेमर: यह एक हास्य-व्यंग्य लेख है और इसके सभी पात्र, घटनाएं अादि काल्पनिक हैं। कृपया इस खबर को सच समझकर व्यर्थ मे अपनी भावनाएं अाहत न करें। अाप भी तीखी मिर्ची ज्वाईन करके अपनी रचनाएं पोस्ट कर सकते हैं
velawrites
About velawrites 77 Articles
वेला तेरी तरह। अब तू माने या ना माने दोस्त मेरे , मैंने तो तुझे वेला माना। http://velawrites.in/

Be the first to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.


*


This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.