विश्व योग दिवस पर सूर्य नमस्कार: मानो “दो बूँद ज़िन्दगी की”

विश्व ने २१ जून को भारत सरकार के कहने पर विश्व योग दिवस घोषित किया। नाराज़ हो गए? ठीक है भाई, मोदीजी के कहनेपर। वैसे भी अब जन-गण-मन भारतदेश से ज्यादा मोदी पर गौरवान्वित है! भारत की जनता अब देश के दो हिस्सों में- एक हिंदुस्तान दूसरा मोदीस्तान में जी रही हो, ऐसा वातावरण बन रहा है। कुछ हिंदुत्व के ठेकेदारों की बेतुकी और शर्मनाक बयानबाज़ी से तो ऐसा लगने लगता है कि ये हिन्दू हैं या तालिबानी? योग दिवस मनाने जा रहे हैं या युद्ध दिवस?

विश्व योग दिवस: जैसे-जैसे योग दिवस नज़दीक आ रहा है, वैसे-वैसे तैय्यारियाँ भी जोरों से हो रही हैं।

खबर है कि मोदीजी का योग करते समय पहना ये ट्रैकसूट भी जल्द ही नीलाम होगा, करोड़ों कि बोली लगने कि उम्मीद है, जिसे काला धन घोषित करके ये चैप्टर जल्द ही क्लोज किया जाएगा.
खबर है कि मोदीजी का योग करते समय पहना ये ट्रैकसूट भी जल्द ही नीलाम होगा, करोड़ों कि बोली लगने कि उम्मीद है, जिसे काला धन घोषित करके ये चैप्टर जल्द ही क्लोज किया जाएगा.

विश्व का तो पता नहीं, लेकिन हमारे हिंदुस्तान में तो युद्ध जैसी तैयारियां हो रही हैं। गिनीस बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकॉर्ड में रिकॉर्ड दर्ज करना है, मोदीजी की तमन्ना जो ठहरी। मोदीजी भी काले रंग की नाईट ड्रेस पहनकर, मैदान में घास पर योग मुद्रा धारण किये बैठ गए है। (चीन और जापान हो आये हैं, इन्हें कौन समझाये कि हमें योगा करना है, कराटे नहीं! काले-गहरे रंग के बजाय श्वेत वस्त्र बेहतर होता है) आजकल रोज़ किसी ना किसी योगासन का नाम भी ट्वीट करके बताया जा रहा है। भक्तों को तो बस वो आसन पढ़ना होता है।

योग शिरोज़मणि रामदेवजी का तो स्वाभाविक रूप से विविध आसनों का प्रक्टिकल डेमो करके दिखाना बनता ही है। आजकल ‘आजतक’ चैनल पर छा रहे हैं। आप भी थोड़ा देख ही लो, तो तबियत के लिए अच्छा ही होगा। योग कराना मानो ‘दो बूँद ज़िन्दगी की’ हो, नहीं पिलाई तो देश को पोलियो हो जायेगा। गला पकड़-पकड़कर पिलाएंगे क्या? #InternationalYogaDay पर कुछ घटिया लोग अब से ही ‘हाइपर’ हो रहे है!

योग की बातें करते-करते अचानक रामदेवजी गलीचे पर लोटपलोटा मारकर मेग्गी बनानेका लाइसेंस दिलवानेकी जिद्द करने लगे।
योग की बातें करते-करते अचानक रामदेवजी गलीचे पर लोटपलोटा मारकर मेग्गी बनानेका लाइसेंस दिलवानेकी जिद्द करने लगे।

चाँद~सूर्य~पृथ्वी ब्रह्माण्ड की रचना तो मोदी सरकार से सालों पुरानी है। लेकिन महान भारत के मोदी सरकार में कुछ महा-उत्तेजित महामूर्ख लोग चाँद-सूर्य पर ही अपना-अपना अधिपत्य समझकर बेतुकी बचकानी बयानबाज़ी में जुट गए हैं। भारत की कुछ सिद्धि प्राप्त योगी आत्माए तो भड़क उठी है- यदि कोई ‘मेरे सूर्य नमस्कार’ का विरोध करे तो उसे समंदर में डूब जाना चाहिए- देश छोड़ देना चाहिए, यहाँ तक कि ‘मेरे सूर्य की रोशनी’ भी नहीं लेना चाहिए, वगैरह। अब लोग तो मानेंगे नहीं, इनको ही अपने सूर्य बाबूजी को बोलना चाहिए कि उनको अपनी रोशनी देना बंद करदे। सो सिंपल!

पृथ्वी शेषनाग पर टिकी हुई है, ऐसा पहले माना जाता था। ठीक वैसे ही भारत का हिंदुत्व भी इन्ही लोगों के कंधो पर टिका है, ऐसा भ्रम इनको हो रहा है। मेरा तो पूरा विश्वास है कि शीर्षासन या सूर्य नमस्कार ज्यादा मात्रा में कर लेने से इनके छोटे दिमाग पर ज्यादा ज़ोर पडने से यह बेचारे इंसान से महामुर्ख बन गए हों।

भाई! जिसके जी में जो आये वो उसे करने दो ना! क्यों अपनी जला रहे हो। कुछ अच्छा भी करके दिखावो, साला एक साल से बकवास पर बकवास किये जा रहे हो।

तुम हिन्दू हो या तालिबानी? योग दिवस मनाने जा रहे हो, या युद्ध दिवस? PM मोदीजी को अपने इन ठेकेदारों पर भले ही गर्व हो, लेकिन इनका यूँ भोँकना अब चुप कराना चाहिए। देश-विदेश में TV में समाचार देखनेवालों के सामने आपकी ही नाक कटेगी। फिर ‘सुपर्णखां’ बनकर योग दिवस मनाएंगे क्या? विश्व योग दिवस, देश के लिए गौरव की बात होकर भी हिंदुत्व के लिए शर्म की ही बात होगी। हमें तो अब हिन्दू कहलाने भी शर्म सी आने लगी है।

योग से ‘अच्छे दिन’ आये ना आये, अच्छे दिन नहीं आने की मानसिक पीड़ा से तो थोड़ी बहुत राहत मिल ही जायेगी। मतलब थोड़ा-थोड़ा योग दवाई समझकर आप भी कर ही लें। सार्वजनिक जगह ना सही, अपने कमरे में ही कर लें। ईश्वर करे हमारी हिन्दू संस्कृति की ही जय हो!!!!!

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डिस्क्लेमर: यह एक हास्य-व्यंग्य लेख है और इसके सभी पात्र, घटनाएं अादि काल्पनिक हैं। कृपया इस खबर को सच समझकर व्यर्थ मे अपनी भावनाएं अाहत न करें। अाप भी तीखी मिर्ची ज्वाईन करके अपनी रचनाएं पोस्ट कर सकते हैं
Vishnu Tibdewala
About Vishnu Tibdewala 27 Articles
हास्य हेतु व्यंग्य। कटाक्ष ना समझे। कटाक्ष को व्यंग्य ना समझे।

2 Comments

  1. An excellent subject which is written in a terribly bad Hindi. I am wondering whether anybody, including the author of this write-up went through the article. Please don’t post such a crap.

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