अन्ना का अनशन समाप्त, बोले जान बची और लाखों पाए !

लोग अन्ना हज़ारे को इसलिए भी आदर्श मानने लगे थे क्योंकि वो कैंपस प्लेसमेंट अच्छा दिए थे पिछली बार।

अन्ना हज़ारे जब पिछली बार आमरण अनशन किये थे तो पूरे देश में उनकी धूम मच गई थी।

अन्ना कुछ वैसे ही मंशा से इस बार भी बैठे थे, लेकिन इस बार ना वैसे भीड़ ना वैसा मीडिया कवरेज मिला।

लोग अन्ना हज़ारे को इसलिए भी आदर्श मानने लगे थे क्योंकि वो कैंपस प्लेसमेंट अच्छा दिए थे पिछली बार।

पिछली बार के अन्ना के आंदोलन ने लगभग आंदोलन में शामिल सभी को कैंपस प्लेसमेंट दिया था, जैसे मनीष सिसोदिया, केजरीवाल, कुमार विश्वास, किरण बेदी, जनरल वीके सिंह इत्यादि।

जैसे ही अन्नाजी ने गलती से "सोनिया हटाओ-देश बचाओ" का नारा लगाया, रोबर्ट वाड्रा ने अपना सर पीट लिया।
जैसे ही अन्नाजी ने गलती से “सोनिया हटाओ-देश बचाओ” का नारा लगाया, रोबर्ट वाड्रा ने अपना सर पीट लिया।

इतनी अच्छी प्लेसमेंट के बाद भी इस बार उस तरह की भीड़ ना होने का कारण जब हमने ढूंढा तो पता चला कि पिछले बार बहुत से लोग बेरोजगार थे, जिसके कारण सभी रोज़गार की आस में- या यूं कहें बैठे-बैठे बोर हो रहे, तो टाइम पास के लिए अन्ना हज़ारे के आंदोलन में पहुँच गए थे।

लेकिन क्योंकि इस बार सभी को ‘पकौड़ा तलो प्रधानमंत्री रोज़गार योजना’ के तहत रोजगार मिल चुका है, तो किसी को कोई जरूरत ही महसूस नहीं हुई उनके आंदोलन में जाने की। जिस कारण से अन्ना आंदोलन पार्ट 2 में कोई खास उत्साह नज़र नहीं आया।

सरकार के बड़े मंत्री ने बताया कि वैसे तो हम निश्चित थे की अन्ना को कोई सपोर्ट नहीं करेगा, लेकिन फिर भी सरकार को डर था कि कही लोग पकोड़ा बेचने के लिए रामलीला मैदान में ना पहुँच जाएँ। जिससे भीड़ बढ़ जाएं और लोगों को लगे की अन्ना के आंदोलन में भीड़ है। इसलिए हमनें डील कर लिया अन्ना हज़ारे के साथ, जो बहुत गोपनीय है।

लेकिन अन्ना ने आंदोलन समाप्त करते हुए उस डील की थोड़ी सी हिंट लोगों को बता दी।

अन्ना ने आंदोलन समाप्त करते हुए कहा- “जान बची और लाखों पाये।”

हालांकि अभी तक ये साफ नहीं है कि उनकी जान अमित शाह से बची या मोदी जी से, लेकिन लाखों मिले ये साफ है।

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डिस्क्लेमर: यह एक हास्य-व्यंग्य लेख है और इसके सभी पात्र, घटनाएं अादि काल्पनिक हैं। कृपया इस खबर को सच समझकर व्यर्थ मे अपनी भावनाएं अाहत न करें। अाप भी तीखी मिर्ची ज्वाईन करके अपनी रचनाएं पोस्ट कर सकते हैं
Shubham
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कुछ नहीं से कुछ भी बनाने की कला।

1 Comment

  1. in india only corrupt politicians have grip over people as Laloo being guilty in many corrupt and money laundering cases (which he accumulated after joining politics is known to all) still croud is there to cheer him as he is coming after winning kargil war.
    Anna should also have a nice time at his village and not to be provoked at this age.corruption cannot be eliminater from this country as all are joining hand to oust Modi not to deal with any problem of the nation. There is one point common with all corrupt and opppsition politician any how stop Modi.

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