स्कूल में योगीकट बाल का रामदेव ने किया विरोध, साबुन-तेल बिक्री कम होने का डर

बाबा रामदेव को डर सता रहा है कि अगर ये भक्तों के बीच फैशन बन गया, तो पतंजलि केशकान्ति और साबुन की बिक्री पर बुरा असर पडेगा।

दिल्ली: उत्तर प्रदेश में योगी-भक्ति का आलम इस कदर चरम पर है कि ‘हर-हर मोदी’ की जगह अब गली-गली में ‘योगी-योगी’ के नारे सुनायी दे रहे हैं। एक स्कूल द्वारा चापलूसी की हद्द तब पार हो गयी जब लड़कों को लड़कियों से अलग बैठने, और ‘योगीकट’ बाल रखने का फरमान जारी कर दिया गया।

Yogi Adityanath - Yogicut
योगी आदित्यनाथ तीखी मिर्ची से बात करते हुए।

तीखी मिर्ची को खबर मिली है कि बाबा रामदेव इससे खफा चल रहे हैं। वजह वो नहीं जो आप सोच रहे होंगे। दरअसल बाबा रामदेव को डर सता रहा है कि अगर ये भक्तों के बीच फैशन बन गया, तो पतंजलि केशकान्ति और साबुन की बिक्री पर बुरा असर पडेगा।

बाबा रामदेव की ये भी चिंता है कि इस नए ट्रेंड से लोग अपने नाखून रगड़ना बंद कर देंगे, क्यूँकि नाखून रगड़ने से बाल बढ़ने का दावा बाबा रामदेव करते आये हैं। इससे बाबा रामदेव की लोकप्रियता में कमी आ सकती है और उनके व्यापार पर इसका बुरा प्रभाव पड़ेगा।

योगी आदित्यनाथ को आड़े हाथों लेते हुए आज बाबा रामदेव ने कहा कि, “कुछ कुंवारे लोग, जिन्होंने आज तक कभी रोमांस नहीं किया, दुसरे लोगों को भी ऐसा नहीं करने देना चाहते।” उनका इसारा दरअसल हिन्दू युवा वाहिनी द्वारा संचालित एंटी-रोमियो स्क्वाड था। इस पर जब हमारे रिपोर्टर ने उनकी चुटकी ली कि आप भी तो देश के सबसे बड़े एलिजिबल बैचलर हैं, तो बाबा शर्म से लाल हो उठे। बाबा रामदेव का बस इतना जवाब था कि, “अब कहाँ!”

योगी आदित्यनाथ ने इस मसले पर ज़्यादा कुछ कहने से इनकार कर दिया, लेकिन ज़्यादा कुरेदने पर उन्होंने बस इतना कहा- “जिनके घर शीशे के होते हैं, वो दूसरों पर पत्थर नहीं फेंकते।”

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डिस्क्लेमर: यह एक हास्य-व्यंग्य लेख है और इसके सभी पात्र, घटनाएं अादि काल्पनिक हैं। कृपया इस खबर को सच समझकर व्यर्थ मे अपनी भावनाएं अाहत न करें। अाप भी तीखी मिर्ची ज्वाईन करके अपनी रचनाएं पोस्ट कर सकते हैं
Jabra
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