“बेबी को राशन कार्ड पसंद है”- फ़िल्म के लिए केजरीवाल को बेस्ट डायरेक्टर का अवॉर्ड

'बेबी को राशन कार्ड पसंद है' फ़िल्म को एकदम नेचुरल तरीके से फ़िल्माने के लिए अरविंद केजरीवाल को बेस्ट डायरेक्टर का अवार्ड जरूर मिलने वाला है।

नयी दिल्ली: राष्ट्रीय पुरस्कारों की घोषणा हो चुकी है। जहाँ एक ओर फ़िल्म “नीरजा” को बेस्ट फ़ीचर फ़िल्म से सम्मानित किया गया, तो वहीँ दूसरी ओर अक्षय कुमार को बेस्ट एक्टर का पुरस्कार फ़िल्म “रुस्तम” के लिए मिला। हालाँकि अक्षय कुमार को पुरस्कार मिलने से सभी लोग स्तब्ध हैं। ट्विटर पर भी लोगों की नाराजगी इस बात को लेकर हो रही है कि अक्षय कुमार को बेस्ट एक्टर का पुरस्कार किसी भी तरीके से नहीं मिलना था। कुछ लोग तो यहाँ तक कह रहे हैं कि अक्षय कुमार को बेस्ट एक्टर का पुरस्कार उनकी ऑनस्क्रीन एक्टिंग के लिए नहीं, बल्कि ऑफस्क्रीन एक्टिंग के लिए मिली है। लोगों का ये भी मानना है कि अक्षय कुमार सरकार की अच्छाई बखान करते रहते हैं, इसलिए शायद उन्हें ये पुरस्कार दिया गया है।

Arvind Kejriwal Director
अरविन्द केजरीवाल फिल्म की शूटिंग करते हुए.

खैर, एक अवार्ड जो विवाद खड़ा कर रहा है और सुर्खियों मैं बना हुआ है, वो है बेस्ट डायरेक्टर का अवार्ड। दरसअल अरविंद केजरीवाल जिनका मेन पेशा राजनीति है, वो राजनीति से हट कर एक फ़िल्म बनाये, और उस फिल्म ने उन्हें बेस्ट डायरेक्टर का अवार्ड भी दिला दिया।हालाँकि लोगों का मानना है कि इस पुरस्कार के लिए अरविंद केजरीवाल से बेहतर और कोई डायरेक्टर हो ही नही सकता।

बात करें फ़िल्म की, तो इस फ़िल्म का राजनीति से कोई लेना देना नही है, लेकिन इस फ़िल्म के आने के बाद राजनीति में भूचाल जरूर आ गया। दरसअल अरविंद केजरीवाल के कैबिनेट में मंत्री रहे संदीप कुमार का एक फ़िल्म लीक हुआ था, जिसमे वो अपनी एक्टिंग से अच्छे-अच्छे एक्टर को चकमा देते नजर आ रहे थे।

दरसअल संदीप कुमार एक डी ग्रेड की फ़िल्म- “बेबी को राशन कार्ड पसंद है!” मै अपनी एक्टिंग का लोहा मनवा रहे थे, और लोगों को दांतों तले अंगुलियाँ चबाने पर मजबूर कर रहे थे कि इतना नेचुरल एक्टिंग भी कोई कर सकता है क्या!

उस फ़िल्म के लिए संदीप कुमार को तो बेस्ट एक्टर का अवार्ड तो नही मिला, लेकिन फिल्म को एकदम नेचुरल तरीके से फ़िल्माने के लिए अरविंद केजरीवाल को बेस्ट डायरेक्टर का अवार्ड जरूर मिलने वाला है। हालाँकि अभी सिर्फ नाम की घोषणा हुई है, अवार्ड हाथ में लेने के बाद अरविंद केजरीवाल इस विषय पर क्या कहते हैं, ये देखने वाली बात होगी।

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डिस्क्लेमर: यह एक हास्य-व्यंग्य लेख है और इसके सभी पात्र, घटनाएं अादि काल्पनिक हैं। कृपया इस खबर को सच समझकर व्यर्थ मे अपनी भावनाएं अाहत न करें। अाप भी तीखी मिर्ची ज्वाईन करके अपनी रचनाएं पोस्ट कर सकते हैं
Shubham
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