मुहावरा ‘सूपड़ा साफ़ करना’ उल्लेख सहित UP के पाठ्यक्रम में शामिल करेगी भाजपा

बीजेपी सरकार की पहली योजना डेवलपमेंट और मैनिफेस्टो में लिखी किसी बात की नहीं होगी, अपितु "सूपड़ा साफ़ करना" मुहावरा पाठ्यक्रम में शामिल करने की होगी।

मुहावरे पढ़ाना किसी भी स्कूल के पाठ्यक्रम में एक महत्वपूर्ण विषय होता है। “खिसियानी बिल्ली खम्बा नोचे” (इसका मायावती के EVM वाले बयान से कुछ लेना देना नहीं है), “अपने मुंह मियाँ मिठठू बनना” (इसका अखिलेश और राहुल के चुनाव के बाद जीत का अनुमान लगाने वाले बयान से कुछ लेना देना नहीं  है) इसी के कुछ उदाहरण हैं।

Narendra Modi and Akhilesh Yadav
नरेंद्र मोदी और अखिलेश के बीच की ‘मन की बात’

अब दो महीने की चुनावी महाभारत के बाद जब अखिलेश ने बसपा से समर्थन लेने की बात करके चुनावी गणित को आहत पहुचाने का बयान दिया, तो भाजपा के वरिष्ठ नेताओं के ह्रदय में आग जल गयी। और जनता के फैसले ने उन्हें इसका बदला लेने का मौका भी दे दिया।

सुनने में आया है कि सरकार बनाने के बाद बीजेपी सरकार की पहली योजना डेवलपमेंट और मैनिफेस्टो में लिखी किसी बात की नहीं होगी, अपितु “सूपड़ा साफ़ करना” मुहावरा पाठ्यक्रम में शामिल करने की होगी। उदाहरण के तौर पे जिस तरह अखिलेश के मुख्यमंत्री बनने के सारे जुगाड़ विफल हुए, उसका उल्लेख उत्तर प्रदेश की स्कूली किताबों में होगा। सामान्य ज्ञान कहता है कि चूंकि नेताओं के बच्चे आम तौर पर विदेश में पढ़ते हैं, तो इससे उन पर कोई पारिवारिक तनाव भी नहीं उत्पन्न होगा।

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डिस्क्लेमर: यह एक हास्य-व्यंग्य लेख है और इसके सभी पात्र, घटनाएं अादि काल्पनिक हैं। कृपया इस खबर को सच समझकर व्यर्थ मे अपनी भावनाएं अाहत न करें। अाप भी तीखी मिर्ची ज्वाईन करके अपनी रचनाएं पोस्ट कर सकते हैं
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