​भारतीय रेल ने निकाला नया स्लोगन – “जाने नहीं देंगे तुझे, जाने तुझे देंगे नहीं”!

सुरेश प्रभु के अनुसार इस स्लोगन से आम जन में संदेश जाएगा कि रेल आपकी रक्षा करेगा, वो आपको स्वर्ग नहीं जाने देगा, यानी मरने नहीं देगा।

भारतीय रेल जो अपनी लेट लतीफी के लिए जानी जाती है, उसने अपने लिए एक नया थीम लांच किया है। भारतीय रेल की बात करें तो जहाँ एक ओर गर्मी में भी ये लेट-लतीफ़ चलता है, वहीँ दूसरी तरफ ठण्ड के मौसम में इसे भी ठण्ड लग जाती हैं, और ये दो – दो दिन लेट चलती है।

भारतीय रेल में यात्रा करना भी आम जनता की एक मजबूरी ही है, क्योंकि दूसरा कोई भी यातायात का साधन इतने सस्ते में उपलब्ध नहीं है, और ट्रेन में यात्रा करना अन्य वाहनों की अपेक्षा ज्यादा सुविधाजनक होता है।

Indian Railways New Slogan - Suresh Prabhu
सुरेश प्रभु नए स्लोगन के बारे में विचार करते हुए।

इस साल से रेल बजट को भी आम बजट में शामिल कर लिया गया है। भारतीय रेल हमेशा से घाटे में चलती आयी है। इस घाटे को उबारने के लिए लगता है रेल ने कमर कस लिया है। वो यात्रिओं को लुभाने के लिए नयी-नयी थीम लांच कर रहा है।

अगर सुत्रों की माने तो जल्द ही भारतीय  रेल अपना पुराना स्लोगन “आपकी यात्रा मंगलमय हो” और “यात्रिओं की सेवा मुस्कान के साथ” जैसे स्लोगनों को हटा कर एक नया स्लोगन लाने वाली है- “जाने नहीं देंगे, जाने तुझे देंगे नहीं”!

हालाँकि कई लोगों का कहना है कि ये स्लोगन कहीं सुना हुआ लग रहा है, लेकिन रेल मंत्री ने ये कह कर इस बात को टाल दिया कि ये उनके दिमाग की ताज़ा रचनात्मकता का एक नमूना है।

इस स्लोगन के बारे में बात करते हुए सुरेश प्रभु ने बताया कि ये काफ़ी सोचने-समझने के बाद उन्होंने बनाया। रेल दुर्घटना बहुत बढ़ गयी है, जिससे सैकड़ो लोगों की मौत हुई है। इस स्लोगन से आम जन में संदेश जाएगा कि रेल आपकी रक्षा करेगा, वो आपको स्वर्ग नहीं जाने देगा, यानी मरने नहीं देगा।

विपक्ष ने इस बात को आड़े हाथ लेते हुए कहा है कि ये नारा अभी रेल की दुर्दशा दिखाता है कि वो कितना लेट चलता है, कि यात्री को उसके मंजिल तक जाने ही नहीं देगा।

अब देखना दिलचस्प होगा कि ये नारा आमलोगों में क्या संदेश देता है।

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डिस्क्लेमर: यह एक हास्य-व्यंग्य लेख है और इसके सभी पात्र, घटनाएं अादि काल्पनिक हैं। कृपया इस खबर को सच समझकर व्यर्थ मे अपनी भावनाएं अाहत न करें। अाप भी तीखी मिर्ची ज्वाईन करके अपनी रचनाएं पोस्ट कर सकते हैं
Shubham
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1 Comment

  1. भारतीय रेलवे हर साल चार्जेस इतना बढाती है कि आम आदमी को अपने घर के बोझ से ज्यादा बोझ लगता है । फिर भी लोग सफर करने के लिए मजबूर है। “सफर पे निकलो तो अपना कफ़न साथ मे लेलो वर्ना न जाने किस शहर की रेल पटरियों पर जिंदगी खामोश हो जाए ।”

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