​युवक को याद था अपना रिलायंस जियो का नंबर, पद्मविभूषण से सम्मानित करेगी सरकार

इस फ्री वाले माहौल में जियो का नंबर याद होना अपने आप में एक चमत्कार निकला। इससे ये भी साबित होता है कि यूपी वालों में टैलेंट तो कूट-कूट के भरी हुई है।

कानपुर: देश में सभी एक से बढ़ कर एक हैं, इसकी मिसाल समय-समय पर मिलती रहती है। देश में प्रतिभाओं की कमी नहीं है, लेकिन उसको प्रोत्साहन देने वाला कोई नहीं है। हर आदमी में कोई ना कोई टैलेंट छिपा होता है, जरुरत है तो बस उनको पहचाने की। इसका ही उदाहरण पेश किया है कानपुर के युवक ने।

Reliance Jio Friends Envy a Man who remembers Reliance Jio number
रमेश के दोस्त उसकी याददाश्त का लोहा मानते हुए.

जब से जियो ने टेलीकॉम इंडस्ट्री में अपना कदम रखा है, तबसे उन्होंने अपने उपभोक्ताओं के लिये सब कुछ फ्री में रखा है, चाहे वो कॉल हो, मैसेज हो, या 4जी इन्टरनेट हो।

(नोट: यहाँ फ्री शब्द का मतलब पूरी तरह से फ्री है, केजरीवाल के फ्री शब्द की तरह इसमें कोई टर्म्स एंड कंडीशन्स नहीं लगा है।)

एक आंकड़े के मुताबिक लोग इन्टरनेट चलाने के लिए जियो को प्राइमरी सिम के तौर पर उपयोग कर रहे हैं, लेकिन उन्हें उनका नंबर नहीं याद रहता है, क्योंकि उनको लगता है जिस दिन फ्री की सर्विस खत्म- उस दिन सिम कार्ड को भी तोड़ के फेंक देंगे। ये तो आने वाला वक़्त ही बतायेगा कि जियो की सर्विस कब तक फ्री रहेगी।

यूपी में टैलेंटेड लोगों की कमी नहीं है । इसे ही साबित किया है कानपुर के एक युवक रमेश यादव ने।

दरसअल रमेश यादव को अपना रिलायंस जियो का मोबाइल नंबर याद था। इस फ्री वाले माहौल में जियो का नंबर याद होना अपने आप में एक चमत्कार निकला। लोगों ने जब इस चमत्कारी घटना के बारे में सुना तो रमेश यादव के घर आस-पड़ोस के लोगों में उसको देखने की भीड़ जमा हो गयी।

सरकार ने भी इस प्रतिभा को देख कर उसे पद्म विभूषण से नवाज़ने का फैसला किया है। सरकार का कहना है कि ऐसी प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए ही वो रमेश यादव को पद्म विभूषण को से सम्मानित करेंगे।

हालांकि विपक्ष ने इस पर तीखा हमला करते हुए कहा कि इस घटना से पता चलता है कि यूपी में कितनी बेरोज़गारी है, उनके पास इतना फ्री टाइम है कि लोग अपना जियो नंबर भी याद कर लेते हैं।

बात जो भी हो, सरकार द्वारा पद्म विभूषण देना इस बात को दर्शाता है कि रमेश यादव सरीखे कनपुरियों में टैलेंट तो कूट-कूट के भरी हुई है।

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डिस्क्लेमर: यह एक हास्य-व्यंग्य लेख है और इसके सभी पात्र, घटनाएं अादि काल्पनिक हैं। कृपया इस खबर को सच समझकर व्यर्थ मे अपनी भावनाएं अाहत न करें। अाप भी तीखी मिर्ची ज्वाईन करके अपनी रचनाएं पोस्ट कर सकते हैं
Shubham
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