बाबा रामदेव ने लांच किया शुद्ध देसी पतंजलि जीन्स, ​ठंड से राहत और स्टाइल के लिए

पतंजलि के चाहने वालों के लिए एक नया धमाका करते हुए बाबा रामदेव ने एक शानदार मजबूत और टिकाऊ शुद्ध देसी Patanjali Jeans लांच किया है।

हरिद्वार: पतंजलि कंपनी आज हर किस्म की चीज़ें बना रही है, और स्वदेशी का ठप्पा लगा कर लोगों को बेच रही है। रामदेव बाबा द्वारा स्थापित पतंजलि लगभग पांच हजार करोड़ के टर्नओवर के पास पहुँच गयी है।

Patanjali Jeans - A swadeshi jeans launched by Baba Ramdev
पतंजलि जीन्स की लीक्ड एक्सक्लूसिव तस्वीर – केवल तीखी मिर्ची पर!

दरसअल पतंजलि के विज्ञापन भी लोगों तक अपनी छाप छोड़ने में कोई कसर नहीं छोड़े हैं, चाहे वो प्रतिद्वंदी प्रोडक्टों को कोसना हो, या तरह-तरह के लुभावने वादे करना।

लेकिन एक पुरानी चीनी कहावत है- “दूसरों के प्रोडक्ट को बुरा बोल-बोल कर आप लोगों को ज्यादा दिन बेवकूफ नहीं बना सकते हैं। आपको अपना प्रोडक्ट बेहतर बनाना चाहिए।” तो यहाँ देखना दिलचस्प होगा कि पतंजलि दूसरों के प्रोडक्ट्स को बुरा बोल-बोल के कितने दिन तक अपनी चांदी काटती है।

अब पतंजलि के चाहने वालों के लिए एक नया धमाका करते हुए बाबा रामदेव ने एक शानदार मजबूत और टिकाऊ शुद्ध देसी जीन्स लांच किया है। दरसअल पतंजलि के ब्रांड एंबेसडर रामदेव ने इस बात की घोषणा प्रेस कांफ्रेंस करके की, जैसा कि वो हर बार करते आये हैं।

प्रेस कांफ्रेंस में रामदेव बाबा ने जीन्स को दिखाते हुए कहा कि ये पूरी तरह से शुद्ध देशी तकनीक से बनी है। इसकी खासियत बताते हुए बाबा रामदेव ने बताया कि अभी ठंड के मौसम में ये ठण्ड से बचने के लिए भी काम आयेगा, और बाजार में एक नया स्टाइल स्टेटमेंट भी बन कर उभरेगा । गर्मी के मौसम में ये जीन्स बहुत उपयोगी होगा, और इसके छोटे-छोटे छिद्र हवा को आने-जाने देंगे, जिससे गर्मी में भी गर्मी निजात से मिलेगी।

तो क्या ठण्ड के महीने में उस छिद्र से जब हवा आएगा या जायेगा, तो ठण्ड नहीं लगेगी? रिपोर्टर द्वारा ये सवाल पूछने पर रामदेव भड़क उठे और कहा , “जीन्स के नीचे लोग पतंजलि लंगोट पहनेंगे, ताकि ठण्ड ना लग सके।” इस प्रकार के संयमकारी लंगोटों को प्रवीन तोगड़िया भी पहले प्रमोट कर चुके हैं।

कीमत की बात करें, तो इस जीन्स की शुरुआती कीमत 2500 रु है, जो अलग-अलग रंग के हिसाब से 5000 रु तक पहुँच जाती है।

वैसे बाजार की बात करें, तो इस तरह के फैशन अपने समय से बहुत आगे के फैशन हैं, तो लोगों को ये कितना लुभाते हैं वो आने वाला वक़्त ही बतायेगा।

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डिस्क्लेमर: यह एक हास्य-व्यंग्य लेख है और इसके सभी पात्र, घटनाएं अादि काल्पनिक हैं। कृपया इस खबर को सच समझकर व्यर्थ मे अपनी भावनाएं अाहत न करें। अाप भी तीखी मिर्ची ज्वाईन करके अपनी रचनाएं पोस्ट कर सकते हैं
Shubham
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कुछ नहीं से कुछ भी बनाने की कला।

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