​भारत छोड़ो आंदोलन को बढ़ावा देने जाता हूँ बार-बार विदेश – नरेंद्र मोदी

मोदी ने साफ़ किया कि वो कुछ दिनों से महात्मा गांधी को अपना आदर्श मानने लगे हैं, इसलिये वो महात्मा गांधी द्वारा किये सारे काम को फिर से करेंगे.

गांधीनगर: खादी ग्राम उद्योग द्वारा निकाले जा रहे कैलेंडर पर महात्मा गांधीजी की चरखे से फोटो हटा कर नरेंद्र मोदी द्वारा खुद का फोटो चस्पा करने पर काफी विवाद हो रहा है।

हालांकि मोदी ने साफ़ किया है कि वो चरखा द्वारा सूत काटने की फोटो में खुद की फोटो देख कर ये मैसेज देना चाहते थे कि लोग ज्यादा से ज्यादा खादी का इस्तेमाल करें।

Narendra Modi Mahatma Gandhi on Foreign Tour
प्रधानमन्त्री मोदी ‘भारत छोडो’ आंदोलन का समर्थन करते हुए देश छोड़ते हुए.

मोदी ने साफ़ किया कि वो कुछ दिनों से महात्मा गांधी को अपना आदर्श मानने लगे हैं, इसलिये वो महात्मा गांधी द्वारा किये सारे काम को फिर से करेंगे, क्योंकि “इतिहास अपने आप को दोहराता है”- कहावत उनको चरितार्थ करना हैं।

इसकी शुरुवात उन्होंने चरखे पर अपनी फोटो चिपका के कर दी है।

मोदी जी ने प्रेस कांफ्रेंस कर के बताया कि वो गांधी जी से बहुत ज्यादा प्रभावित हैं। गांधी जी को वो अपना आदर्श मानने लगे हैं- जबसे उन्होंने उनके बारे में अच्छे से पढ़ा है।

इस मौके पर आरएसएस को भी कोसते हुए उन्होंने कहा कि हर आरएसएस मुख्यालय में गोडसे के फ़ोटो की जगह गांधी जी की फोटो लगी होनी चाहिए।

मोदी ने आगे बताया कि वो महात्मा गांधी से इतना ज्यादा प्रेरित हैं कि वो भारत छोड़ो आंदोलन को बढ़ावा देने के लिए ही बार-बार विदेश घूमने निकलते हैं।

उनका मकसद है कि जो पाकिस्तानी भारत में छिपे हुए हैं, वो भारत छोड़ें, ताकि भारत में सिर्फ भारतीय ही बचें।

हमारे सवांददाता ने उनसे तीखा सवाल पूछा कि जब आज़ादी मिली तब तो भारतीय और पाकिस्तानी अलग अलग हो गए थे , फिर अब इतना हाय तौबा क्यों? इसपर नरेंद्र मोदी चुप्पी साधते नज़र आएं।

हालाँकि इसका जवाब तो भविष्य की गर्त में ही मिलेगा कि भारत छोड़ो आंदोलन से किसे क्या हासिल होगा!

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डिस्क्लेमर: यह एक हास्य-व्यंग्य लेख है और इसके सभी पात्र, घटनाएं अादि काल्पनिक हैं। कृपया इस खबर को सच समझकर व्यर्थ मे अपनी भावनाएं अाहत न करें। अाप भी तीखी मिर्ची ज्वाईन करके अपनी रचनाएं पोस्ट कर सकते हैं
Shubham
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