​सेंटा ने बांटें 500 और 1000 रु के पुराने नोट, लोगों ने दौड़ा दौड़ा कर पीटा

सेंटा ने इस बार सभी को पुराने नोट बांटने शुरू कर दिए। लोग जगे हुए थे, इसलिए उन लोगों ने गिफ्ट खोल कर देखा तो पुराने नोटों को देख कर उनका खून खौल उठा।

फरीदाबाद: भारत में हज़ार और पांच सौ रु. के पुराने नोट बंद हो चुके हैं। लेकिन सेंटा को ये बातें कहाँ पता थी। उन्होंने लोगों को 500 और 1000 रु बांटने शुरू कर दिए। 500 और 1000 रु के पुराने नोटों से लोगों में इतनी बौखलाहट या चिढ़ हुयी है कि उनको ये नोट नज़र आते ही उनका पारा चढ़ जाता है।

हर साल की तरह इस साल भी 25 दिसम्बर को क्रिसमस बड़े धूमधाम से मनाया जा रहा था। हालांकि कुछ लोग ऐसे भी हैं जो क्रिसमस की जगह तुलसी पूजन पर विशेष ध्यान देने को कह रहे थे। वो शायद भूल गए थे कि तुलसी पूजन हर दिन होती है, और क्रिसमस साल में सिर्फ एक बार।

Santa Demonetization
पिटने के बाद ज़मीन पर पड़े सैंटा क्लास।

बच्चों की खासी दिलचस्पी होती है क्रिसमस में। इसके पीछे शायद सेंटा द्वारा गिफ्ट देने को कारण मान सकते हैं। सेंटा को भी बच्चों से बहुत प्यार होता है, इसलिए वो हर साल बच्चों के लिए कोई ना कोई गिफ्ट दे ही जाता है।

लेकिन भारत में इस साल का सेंटा अलग था। वो बच्चों की बजाय बड़ो को गिफ्ट देने लगा है। सेंटा ज्यादातर रात के समय, जब सभी सो जाते हैं, तब आता है, ताकि कोई उसे देखे नहीं।

लेकिन अब सब कुछ बदल गया है, लोग फेसबुक और व्हाट्सएप्प के चक्कर में रात में सोते ही नही हैं।

सेंटा ने इस बार सभी को पुराने 500 और 1000रु के नोट बांटने शुरू कर दिए। लोग जगे हुए थे, इसलिए उन लोगों ने गिफ्ट खोल कर देखा तो पुराने नोटों को देख कर उनका खून खौल उठा, और वो इतने कड़ाके की ठण्ड में भी सेंटा के पीछे-पीछे उनको मारने के लिए निकल पड़े।

खबर मिली है कि कई जगह सेंटा को बहुत पीटा गया है।

बाद में पिटाई खाने के बाद सेंटा बने आदमी ने खुलासा किया कि उसके पास बहुत से पुराने नोट थे, जिसको वो बदलवा पाने या बैंक अकाउंट में जमा करवाने में असमर्थ था, इसलिए उसने सोचा कि ऐसे ही अपने ‘कालाधन’ को उपयोग कर ले।

इस बयान को सुनने के बाद पुलिस को बुला कर सेंटा को पुलिस के हवाले कर दिया गया।

Discussion

comments

डिस्क्लेमर: यह एक हास्य-व्यंग्य लेख है और इसके सभी पात्र, घटनाएं अादि काल्पनिक हैं। कृपया इस खबर को सच समझकर व्यर्थ मे अपनी भावनाएं अाहत न करें। अाप भी तीखी मिर्ची ज्वाईन करके अपनी रचनाएं पोस्ट कर सकते हैं
Shubham
About Shubham 211 Articles
कुछ नहीं से कुछ भी बनाने की कला।

Be the first to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.


*