​मच्छरों को कंट्रोल करने के लिए केजरीवाल की नयी पहल, पहनाएंगे ‘माइक्रो कंडोम’

डेंगू और मलेरिया के मच्छर के पॉपुलेशन को कंट्रोल करने लिए उनके लिए छोटे-छोटे 'माइक्रो कंडोम' (Micro Condom) बनाए जाएंगे, ताकि उनकी जनसँख्या पर लगाम लग सके।

नयी दिल्ली: मच्छरों के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए दिल्ली सरकार ने नया फैसला लिया है। इससे आने वाले समय में  दिल्ली-वासियों को मच्छर के प्रकोप से राहत मिल जायेगी।

दिल्ली, जो हमेशा किसी ना किसी वजह से बीमारी से ग्रसित होती रहती है। कभी मलेरिया तो कभी डेंगू, कभी स्वाइन फ्लू तो कभी प्रदूषण के कारण दिल्ली और दिल्लीवासियों की हालत ख़राब हो जाती है।

लेकिन केजरीवाल सरकार के इस फैसले से डेंगू और मलेरिया से तो छुटकारा मिल ही जायेगा।

Micro condom for Mosquito Launched by Arvind Kejriwal
माइक्रो कंडोम के इस प्रोटोटाइप की IIT दिल्ली में टेस्टिंग चल रही है.

अगर दिल्ली सच में इस फैसले के बाद डेंगू और मलेरिया रहित हो जाती है, तो केजरीवाल सरकार नितीश सरकार के शराबबंदी के तर्ज़ पर इस योजना का प्रचार अगल-बगल के राज्यों में भी करेगी।

दरसअल मलेरिया और डेंगू का और कोई समाधान ना होते देख केजरीवाल सरकार ने ये फैसला लिया है। अरविंद केजरीवाल ने प्रेस कांफ्रेंस कर के इस योजना के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

केजरीवाल ने बताया कि वो नए-नए प्रयोग करने में केंद्र से पिछड़ना नही चाहते हैं, इसलिए उन्होंने ये फैसला लिया है कि डेंगू और मलेरिया के मच्छर के पॉपुलेशन को कंट्रोल करने लिए उनके लिए छोटे-छोटे ‘माइक्रो कंडोम’ (Micro Condom) बनाएंगे, ताकि उनकी जनसँख्या पर लगाम लग सके।

हालांकि केजरीवाल तीखी मिर्ची रिपोर्टर द्वारा पूछे गए कुछ तीखे सवालों का जवाब देने में असक्षम साबित हुए।

कुछ सवाल जो हमारे रिपोर्टर ने पूछे- उनमे से एक ये था कि क्या मच्छर कंडोम का उपयोग आसानी से करने लग जाएंगे? क्योंकि इंसान भी अभी तक इस मुद्दे पर अपने आप को असहज महसूस करता है, तो मच्छर अपने आप को कंडोम के साथ सहज महसूस कर पाएंगे?

दूसरा ये कि क्या मच्छर अपने जनसँख्या को नियंत्रित करने के लिए मान जायँगे? अगर नहीं तो उनकी सरकार का कौन सा मंत्री इस काम को करेगा? सूत्रों द्वारा ये भी खबर मिली है कि ये माइक्रो कंडोम बनाने का आर्डर बाबा रामदेव की कंपनी ‘फकंजलि कंडोम‘ को दिया गया है।

हालांकि अब इसका क्या इफ़ेक्ट पड़ेगा या इसकी सफलता की गारंटी नोटबंदी की ही तरह ना हो जाए, ये आने वाला वक़्त बतायेगा।

Discussion

comments

डिस्क्लेमर: यह एक हास्य-व्यंग्य लेख है और इसके सभी पात्र, घटनाएं अादि काल्पनिक हैं। कृपया इस खबर को सच समझकर व्यर्थ मे अपनी भावनाएं अाहत न करें। अाप भी तीखी मिर्ची ज्वाईन करके अपनी रचनाएं पोस्ट कर सकते हैं
Shubham
About Shubham 212 Articles
कुछ नहीं से कुछ भी बनाने की कला।

2 Comments

  1. The greatest danger with reserving by way of a hotel reserving website is not that you’ll be scammed out of your money by an illegitimate business
    (all the websites that I record in listed here are reputable) but that they’ll
    overbook your resort and you’ll get an e-mail a few weeks earlier than your keep saying that your room just isn’t available.

Leave a Reply

Your email address will not be published.


*