चेतन भगत की बुक ‘वन इंडियन गर्ल’ के पेज 57 पर बनेगी फ़िल्म, आप नेता संदीप होंगे हीरो?

टॉप पोर्न वेबसाइट PornHub ने चे-तन भगत को अपनी वेबसाइट का अधिकृत ब्रांड अम्बेस्डर और पेज 57 को ऑफिशियली लोगो बनाने की पेशकश दी है।

चे-तन भगत, कंफ्यूज न होइए ये एक ही नाम है, पर गुण ‘छोटा चेतन’, और ‘बड़े भगत’ वाले शायद दोनों हो, जो अपने नाम से ज़्यादा अपने काम की वज़ह से लाइमलाइट में रहते हैं, कभी अपने बयानों से, तो कभी अपनी किताबों की वज़ह से, इस बार भी अपनी एक किताब “One Indian Girl” की वज़ह से चर्चा में है, चर्चा पूरी किताब को लेकर नहीं बस एक पेज को लेकर हो रही है।

इस किताब के पेज नंबर 57 को पढ़ने के बाद आप अग़र सिंगल होंगे तो चे-तन को “भगत (भक्त)” बनकर ढ़ेर सारा गरियाएंगे, हो सकता है आप इतने उत्तेजित हो जाएँ कि गालियां भी लम्बी-लम्बी आहों के साथ दें। पर फिर भी आपको खुद पर नियंत्रण करना होगा, क्या पता आपकी किस्मत कामदेव ने लिखी हो, तो चेतन सर अगली बार पेज नंबर 57 पर ही कोई महाकाव्य सचित्र छाप दें।

Arvind Kejriwal after reading Chetan Bhagat's one Indian Girl
चेतन भगत की ‘वन इंडियन गर्ल’ पढने के बाद के हालात

“हमारे संवाददाता” ने जब इस विषय पर चे-तन सर से बात की तो उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि, “उन्होंने तो बस वो लिखने की कोशिश की, जो भारत में गूगल पर सबसे ज़्यादा खोजा जाता रहा है।” आख़िर यहाँ नमो से ज़्यादा सनी लियोनी की डिमांड है, फिर ऐसे में क्या गलत लिख दिया।

“हमारे संवाददाता” ने आगे उनसे ऐसा लिखने की प्रेरणा के बारे में पूछा तो उन्होंने साफ़ शब्दों में कहा, “जब देश का एक बापू आशाराम इस उम्र में एक नर्स से उसके चिकने गालों के होते हुए मक्खन लाने पर प्रश्न कर सकता है, तो भला ये पीढ़ी उस पीढ़ी से कैसे हार सकती है। ये पेज नंबर 57 मेरा बापू आशाराम को जवाब है, कि उनके उत्तराधिकार में हम बिल्कुल भी कमजोर नहीं हैं।”

जगह-जगह देश के हिस्सों से प्रतिक्रिया ली गयी तो पता चला, एलीट क्लास से दो प्रकार की प्रतिक्रियाएं आ रही हैं, कुछ लोग उत्साहपूर्वक कह रहे हैं कि उनके स्टेटस के हिसाब से ‘मस्तराम’ महंगे वर्जन में आ गयी है, तो कुछ एलीट इकनोमिक लोग निराशापूर्वक कह रहे हैं, “जब यही सब पढ़ना है तो नौकर को भेजकर 3-5 रुपये वाली ‘सरस सलिल’ न मंगा लेंगे?” वहीँ दूसरी ओर सविता भाभी के PDF फाइल्स शेयर करने वाली क्लास सुखी मन से कह रही है, “अच्छा हुआ जब कंटेंट हर जगह ऐसा ही मिलना है तो 5-10 रुपये ख़र्च करके हम हमेशा फ़ायदे में ही थे और हैं।”

फ़िलहाल इधर सरकार ने फेसबुक पर हो रही टिप्पणियों को देखते हुए फ़ैसला किया है कि संस्कारों की रक्षा के लिए वह बहुत ज़ल्द पाठ्य-सामग्री की जाँच के लिए “सेंसर बोर्ड” जैसा विभाग बनाएंगे, जहाँ काट-छांटकर हम पाठकों को संस्कारी सामग्री परोसने की कोशिश करेंगे। इधर विपक्षी पार्टियों ने विजयी मुद्रा में कहा है कि चे-तन भगत ने पृष्ठ संख्या 57 पर ऐसा लिखकर, न आंकड़ा नंबर 56 (सीना) का मान कम कर दिया, बल्कि नमो का तिलिस्म तोड़ने के हमारे सपने को अमलीजामा पहना दिया है, हम बहुत ज़ल्द इन्हें सम्मान के रूप में विपक्षी पार्टी का नेता घोषित करेंगे।

चलते-चलते ख़बर है कि टॉप पोर्न वेबसाइट PornHub ने चे-तन भगत को अपनी वेबसाइट का अधिकृत ब्रांड अम्बेस्डर और पेज 57 को ऑफिशियली लोगो बनाने की पेशकश दी है। वहीँ आम आदमी पार्टी के ख़ास सदस्य संदीप कुमार ने इच्छा जताई है कि चे-तन भगत के इस किताब के पेज 57 पर अग़र कोई डायरेक्टर मूवी बनाना चाहे तो वो फ्री ऑफ़ कॉस्ट काम करने के लिए तन-मन से तैयार हैं, प्लीज़ एक बार सेवा का अवसर दें।

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डिस्क्लेमर: यह एक हास्य-व्यंग्य लेख है और इसके सभी पात्र, घटनाएं अादि काल्पनिक हैं। कृपया इस खबर को सच समझकर व्यर्थ मे अपनी भावनाएं अाहत न करें। अाप भी तीखी मिर्ची ज्वाईन करके अपनी रचनाएं पोस्ट कर सकते हैं
Saurabh Mishra
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सौरभ मिश्रा स्वतन्त्र टिप्पणीकार हैं।

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