खुलासा: बांगर सीमेंट से टेढ़ी हुई मुलायम जी की नाक

मुलायम और उनके बेटे की टेढ़ी नाक का राज़ पता चल गया है, जिसे आज केवल तीखी मिर्ची पर एक्स्क्लुसिव साझा किया जा रहा है। ये पढ़कर आपकी भी एड़ियां फटी-की-फटी रह जायेंगी।

मेरठ (उल्टा प्रदेश): जैव-वैज्ञानिकों और पुरातत्व-विदों ने आखिरकार दशकों पुरानी ये गुत्थी सुलझा ही ली। जी हाँ, ‘दुसरे नेताजी’ और प्रधानमन्त्री पद की इच्छा रखने वाले मुलायम और उनके बेटे की टेढ़ी नाक का राज़ पता चल गया है, जिसे आज केवल तीखी मिर्ची  पर एक्स्क्लुसिव साझा किया जा रहा है।

Bangur Cement Ad Truck Bent Curve
बांगर सीमेंट का विज्ञापन जिसमे ट्रक IT प्रोफेशनल की कमर की तरह गोल हो जाता है.

हुआ यूँ, कि पिछले साल जब आजम खां कि भैसें गायब हुई थीं, तो किसी ने मुलायम जी को बता दिया कि ‘बहनजी’ ने उन्हें चुराकर अपने बंगले में बाँध लिया है, और मार-मार कर सपा के सारे राज खुलवा रही हैं। जैसे कि ‘यूपी में जुर्म कम है’- इस घोर झूठ को अमिताभ बच्चन से कैसे कहलवाया गया?…और ‘मन से हैं मुलायम, इरादे लोहा हैं’ वाले गाने में ‘लोहे के इरादे’ का क्या मतलब है? कहीं ‘गेस्ट-हाउस काण्ड’ दुहराने का इरादा तो नहीं है नेताजी का?

फिर क्या था? गुस्से में फुंफकारते हुए और खुद की आविष्कार की हुई भाषा में गालियाँ बकते हुए नेताजी मायावती के बंगले के बाहर पहुँच गए। उनके पीछे-पीछे ‘टेडी बियर’ अर्थात बाल-अखिलेश भी अपनी नेकर का नाड़ा मुंह में दबाये चले आये। ये सोचकर कि आज अपनी पहलवानी आजमा ली जाय, पहलवान नेताजी ने जोर से बंगले के गेट पर लात मारी, लेकिन उस लोहे की गेट ने ‘लोहे के इरादे’ वाले नेताजी को ‘लोहे के चने’ चबवा दिए।

गुस्से से आग-बबूला नेताजी ने इस बार बंगले कि बाउंड्री की ओर सांड की स्टाइल में धावा बोला, और उसे ध्वस्त करने के लिए ‘अमर-वेग’ से दौड़ पड़े। लेकिन वो दीवार बनी थी बांगर सीमेंट की, जिससे टकराकर लोहे की ट्रक भी बुढ़ापे की कमर की तरह गोल हो जाती है, फिर तो ये बस ‘लोहे के इरादे’ वाले नेताजी थे। दीवार तो नहीं टूटी, लेकिन नेताजी की नाक ज़रूर टकराकर गोल हो गयी। टेडी बियर ने भी टाल ठोककर वही दुहराया, और बच्चे का भी वही हश्र हुआ।

उस घटना के बाद मुलायमजी की नाक तो टेढ़ी हुई ही, मायावती भी इतनी खौफज़दा हो गयीं कि बाहर शौपिंग करने के बजाय अपना प्राइवेट जेट भेजकर बम्बई से सामान मंगवाने लगीं

Discussion

comments

डिस्क्लेमर: यह एक हास्य-व्यंग्य लेख है और इसके सभी पात्र, घटनाएं अादि काल्पनिक हैं। कृपया इस खबर को सच समझकर व्यर्थ मे अपनी भावनाएं अाहत न करें। अाप भी तीखी मिर्ची ज्वाईन करके अपनी रचनाएं पोस्ट कर सकते हैं
Jabra
About Jabra 303 Articles
मेरी गाड़ी बेवकूफों और चाटुकारों से प्रेरणा लेकर चलती है.

Be the first to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.


*