स्मृति इरानी और हर्षवर्धन ने दिया इस्तीफ़ा, करेंगे मास्टरी वाले काम

मोदीजी के रामलीला भाषण ने उनके प्रतिभाशाली मंत्रियों की आँखें खोल दी हैं। वो सब धीरे-धीरे अपनी 'मास्टरी' की ओर लौटना चाहते हैं।

स्मृति ईरानी - अपने सुनहरे दिनों को याद करते हुए
स्मृति ईरानी – अपने सुनहरे दिनों को याद करते हुए

दिल्ली: मोदीजी के भाषण से प्रभावित होकर मानव संसाधन मंत्री स्मृति इरानी ने इस्तीफ़ा दे दिया है।

ज्ञात हो के 10 जनवरी को दिल्ली के रामलीला मैदान में मोदीजी ने कहा था “जिसको जिस काम में मास्टरी हो उसे वही काम करना चाहिये”।

ये भाषण सुनने के बाद विश्वप्रसिद्ध धारावाहिक “क्यूंकि सास भी कभी बहू थी” की नायिका स्मृति इरानी ने धारावाहिक में वापसी करने की ठान ली है। उनकी इस मसले पर एकता कपूर पर फोन पर 6 घंटे तक बात हुई। हालांकि इतनी देर में वो ‘येल यूनिवर्सिटी’ से डिग्री भी ले सकती हैं, मगर वो वापस “क्यूंकि सास … ” में जाकर 156 साल की “बा” का बुढ़ापे में खयाल रखेंगी, और 17 बार मरकर जिंदा हो चुके मिहिर के अगली बार मरने पर विधवा विलाप का सीक्वेंस फिल्मायेंगी।

स्मृति इरानी की देखादेखी साइंस और तकनीक मंत्री डाक्टर हर्षवर्धन ने भी इस्तीफ़ा दे दिया है। उनके घर हमारे रिपोर्टर “ढक्कन हर्जाना” प्रतिक्रिया लेने पहुंचे, तो उनके घर के बाहर लम्बी भीड़ लगी हुई थी। अन्दर जाने पर डॉक्टर हर्षवर्धन एक बर्तन में मटर छीलते हुए पाये गये।
डॉ हर्षवर्धन खुश हैं कि वो अपनी पुरानी हॉबी पर पुनः ध्यान दे पाएंगे
डॉ हर्षवर्धन खुश हैं कि वो अपनी पुरानी हॉबी पर पुनः ध्यान दे पाएंगे


उन्होंने बताया की ये मटर का सीजन है, और मटर छीलने में उनकी मास्टरी है। अतः उन्होंने इस्तीफ़ा देकर देशहित में मटर छीलने का काम संभाल लिया है। उनके घर के बाहर मटर छिलवाने वालों की भीड़ लगी हुई थी।

उनकी नौकरानी से हमारे संवाददाता की बात हुई तो वो काफी उदास दिखी, बुझे मन से उसने बताया, “पिछले साल दिसम्बर में दिल्ली चुनावों के बाद जब केजरीवाल मुख्यमंत्री बन गये थे तब भी साहेब ने 5 किलो मटर छिली थी, और पगार से 42 रुपये काट लिए थे। इस बार पता नहीं पगार मिलेगी भी या नहीं?” ये सब देखकर जैसे ही तीखी मिर्ची की ओबी वैन की गाड़ी हाईवे की तरफ मुड़ी, तभी हमें “विजय जॉली” जी सड़क पर काला रंग पोतते हुए नज़र आये। डरते-डरते हमारे पत्रकार ने जब उनसे पूछा तो उनका कहना था की उनको सड़क पर काला रंग पोतने में मास्टरी है अतः आज से वो यही काम करेंगे।

जॉली पेंटर अब दिल्ली में सबके घरों के बाहर पुताई करा करेंगे
जॉली पेंटर अब दिल्ली में सबके घरों के बाहर पुताई करा करेंगे

ये सब देखकर हमारे पत्रकार को चक्कर आ गये, क्यूँकी वो ये सोच रहे हैं की अगर मोदी सरकार में सभी लोग मास्टरी के अनुसार काम करने लगे तो देश का क्या होगा?

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डिस्क्लेमर: यह एक हास्य-व्यंग्य लेख है और इसके सभी पात्र, घटनाएं अादि काल्पनिक हैं। कृपया इस खबर को सच समझकर व्यर्थ मे अपनी भावनाएं अाहत न करें। अाप भी तीखी मिर्ची ज्वाईन करके अपनी रचनाएं पोस्ट कर सकते हैं

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