बीजेपी की रामलीला रैली के Oops मोमेंट्स

तस्वीरों में देखें रामलीला मैदान में बीजेपी की रैली के कुछ OOPS मोमेंट्स। कब-कब मोदीजी की जबान फिसली और वे क्या से क्या कह गए।

1. दिल्ली में ? आर यू सीरियस ?

मोदीजी की जुबान तब फिसल गयी जब उन्होंने कहा दिल्ली में झूठ की फैक्ट्री चल रही है.
मोदीजी की जुबान तब फिसल गयी जब उन्होंने कहा दिल्ली में झूठ की फैक्ट्री चल रही है. इसका मतलब समझे दया ? ये 7 RCR और PMO दिल्ली में ही है|

2. पहले काला धन, अब जन-धन

पहले
पहले सोते-उठते “काला धन-काला धन” रटते रहते थे| सरकार में आते ही काला धन हवा हुई गवा और अब “जन-धन” का डपोरशंख फूंकते फिरते हैं ? चारों तरफ ढोल तो पीट दिए मगर जनता को धन के नाम पर मिला जीरो बटा लुल्ल|

3. बहुतै कनफूजन है ई के विज़न मा!

छत्तीसगढ़ में बोलता है - नक्सली मुख्यधारा में शामिल हों झारखण्ड में बोलता है - नक्सली हिंसा छोड़ें हमारे साथ आएं दिल्ली में बोलता है - नक्सलों के साथ जंगल चले जाओ बहुतै कनफूजन है ई के विज़न मा !! जरूर ई का कौनो रांग नंबर लगा हुआ है !
छत्तीसगढ़ में बोलता है – नक्सली मुख्यधारा में शामिल हों
झारखण्ड में बोलता है – नक्सली हिंसा छोड़ें हमारे साथ आएं
दिल्ली में बोलता है – नक्सलों के साथ जंगल चले जाओ
बहुतै कनफूजन है ई के विज़न मा !! जरूर ई का कौनो रांग नंबर लगा हुआ है!

4. अब का अमरीका का राष्ट्रपति बनाएं?

दिल्ली का गद्दी तो दे दिए, अब का अमरीका का गद्दी देंगे तब पक्का मकान बनाओगे?
दिल्ली का गद्दी तो दे दिए, अब का अमरीका का गद्दी देंगे तब पक्का मकान बनाओगे? हमरी फिरकी ले रहे का ?

5. निहालचंद, स्मृति को मास्टरी देखके काम दिए हैं का ?

तोहार चाय बेचे में मास्टरी रहा, काहे नहीं गुजरात जाके चाय बेचते हैं, सारा टाइम वंशवाद को गाली दिए, अ अब बोल रहे हैं खानदानी काम करो, बुरबक समझे हैं का ?
तोहार चाय बेचे में मास्टरी रहा, काहे नहीं गुजरात जाके चाय बेचते हैं, सारा टाइम वंशवाद को गाली दिए, अ अब बोल रहे हैं खानदानी काम करो, बुरबक समझे हैं का?

6. सारा टाइम P-4, S-5, A2B2 करते रहे और अब नारे से कछु होता ही नहीं?

नारे देने से गरीबी नहीं हटती तो काहे सरकारी कामकाज छोड़-छाड़ के सारा दिन इधर-उधर नारेबाजी करते फिरते हैं?
नारे देने से गरीबी नहीं हटती तो काहे सरकारी कामकाज छोड़-छाड़ के सारा दिन इधर-उधर नारेबाजी करते फिरते हैं ?

7. घोषणा से राजनीति नहीं होती, आ खुदे रैली में दस ठो घोषणा कर दिए

घोषणा  से राजनीति नहीं होती त काहे घूम-घूम के दस ठो जगह काला धन अ विकास का घोषणा कर रहे हैं? और आप तो घोषणा के साथ कोसना भी खूब करते हैं। इ कइसन झोल-झाल है ?
घोषणा से राजनीति नहीं होती त काहे घूम-घूम के दस ठो जगह काला धन अ विकास का घोषणा कर रहे हैं ? और आप तो घोषणा के साथ कोसना भी खूब करते हैं। इ कइसन झोल-झाल है ?

8. देश को ई टॉप सीक्रेट बात बताने के लिए थैंकू

भ्रष्टाचार से देश परेशान - सरकार बहादुर ने इ राज खोला तब पता चला कि भ्रष्टाचार ने देश की लुल्ली लगा रखी है।  अब लगे हाथ इ भी बताओ कि हमरी परेशानी को दूर कैसे करोगे ? भाषण से ?
भ्रष्टाचार से देश परेशान – सरकार बहादुर ने इ राज खोला तब पता चला कि भ्रष्टाचार ने देश की लुल्ली लगा रखी है। अब लगे हाथ इ भी बताओ कि हमरी परेशानी को दूर कैसे करोगे ? भाषण से या येद्दी-गडकरी की मदद से ?

9. नयी राजनीति मल्लब कुछ भी ?

वही नयी राजनीति जउन में तुमरा कैबिनेट का एक तिहाई लोग क्रिमनल है ! पार्टी RTI के नाम से 56 मील दूर  छिटक के चलत है ? सबकी स्मृति तुमरी स्मृति ईरानी जइसन भोंदू नहीं है। का समझे ?
वही नयी राजनीति जउन में तुमरा कैबिनेट का एक तिहाई लोग क्रिमनल है ! या फिर जउन में NCP, PDP, NC, LJP इत्यादि इन सब दल(दल) के साथ ठगबंधन का इस्कोप है ? पार्टी RTI के नाम से 56 मील दूर छिटक के चलत है.. सबकी स्मृति तुमरी स्मृति ईरानी जइसन भोंदू नहीं है। का समझे ?

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डिस्क्लेमर: यह एक हास्य-व्यंग्य लेख है और इसके सभी पात्र, घटनाएं अादि काल्पनिक हैं। कृपया इस खबर को सच समझकर व्यर्थ मे अपनी भावनाएं अाहत न करें। अाप भी तीखी मिर्ची ज्वाईन करके अपनी रचनाएं पोस्ट कर सकते हैं
Kumar Keshav
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आजादीपसंद, स्वच्छन्द, आरामतलबी, अमितभाषी

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