साँपों का ज़हर गायब हो रहा है, ‘राक्षसी महाराज’ पर शक

'राक्षसी महाराज' ने क्यों चुराया इतना ज़हर? क्या वो इसकी तस्करी कर रहे हैं? साँप अब अपना अगला कदम क्या उठाएंगे? जानने के लिए पढ़ें।

कल पुत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले में पिपिहरी गाँव के खेत में प्राकृतिक पीड़ा का निदान करने गये किसान गजोधर को विषैले सांप ने काट लिया, मगर गजोधर को ये देखकर आश्चर्य हुआ की उनको विष का असर ही नहीं हुआ। गाँव के वैद्य और डॉक्टर भी आश्चर्यचकित हैं। आसपास के गाँव में ये घटना कौतूहल का विषय बनी हुई है। हमारे रिपोर्टर लम्पट चोररसीया ने जब जाँच पड़ताल की तो पता चला साँप समूह में इस घटना को लेकर साँप सूंघ गया है। कई साँप बिना विष के लोटते हुए पाये गये।
ज़हर कम होने पर व्याकुल एक सपोला
ज़हर कम होने पर व्याकुल एक सपोला

       कुछ सूत्रों से पता चला है कि इन साँपों का विष सत्ता पक्ष के नेता ‘राक्षसी महाराज’, ‘रोगी खादीत्यनाथ’ और ‘पपलूकांत भाजपाई’ चुरा कर समाज में घोल रहे हैं। ये विष की चोरी का काम 16 मई के बाद शुरू किया गया, और पिछले कुछ सप्ताहों में इसमें काफी तेज़ी आई है।

एक बुज़ुर्ग साँप की मानें तो ये सब कथित राष्ट्रवादी ताकतें भारत देश में नफरत फैलाने के लिए बड़े पैमाने पर ज़हर फैलाने का कम कर रही है, ताकि आने वाले चुनावों में भय का वातावरण पैदा किया जा सके

मासूम संपोलों में भय का माहौल है। अब जब इंसान ज़हर उगलेंगे तो साँपों से डरेगा कौन? ऐसा सोचकर ही नागिन झुरझुरी को गहरा सदमा लगा है। उसको ज़बान लपलपाने के दौरे पड़ते हैं।

साँपों के सरदार नागराज ज़हरीले का कहना है कि उन्होने इस मामले का संज्ञान लेते हुए परचार मंत्री ‘नरेन्द्र लोभी’ को पत्र भी लिखा है। मगर विदेश यात्रा और चुनावी रैलियों में व्यस्त होने के कारण कोई प्रतिकूल उत्तर प्राप्त नहीं हुआ है।

फिलहाल साँप प्रजाति को अपने ज़हर मुक्त होने का भय सता रहा है।

बाकी सब कुशल मंगल है।

Discussion

comments

डिस्क्लेमर: यह एक हास्य-व्यंग्य लेख है और इसके सभी पात्र, घटनाएं अादि काल्पनिक हैं। कृपया इस खबर को सच समझकर व्यर्थ मे अपनी भावनाएं अाहत न करें। अाप भी तीखी मिर्ची ज्वाईन करके अपनी रचनाएं पोस्ट कर सकते हैं

Be the first to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.


*


This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.